Monday, 22 August 2022

हिन्दी महत्वपूर्ण प्रश्न


हिंदी गद्य व पद्य  साहित्य संबंधी महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

                

v प्रेममार्ग के अनुयायी एवं प्रतिनिधि कवि हैं?-  जायसी  

v  हालावादी कवि कहलाते हैं? -   हरिवंशराय बच्चन।

v निबंध को गद्य की कसौटी कहा है- आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने 

v बड़े भाई साहब कहानी के लेखक हैं-  प्रेमचंद

v मुहाबरा की उत्पत्ति के शब्द से हुई- अरबी भाषा के ।

v लता मंगेशकर के पिता का नाम था  दीनानाथ मंगेशकर ।

v स्वान्तः सुखाय के कवि कहा गया  है- तुलसीदास को ।

v “छंदों का आजयबघर”  कहा जाता है- रामचन्द्रिका को ।

v साकेत का शाब्दिक अर्थ होता है- आयोध्या

v विभाषा के लिए डायलेक्ट शब्द  भाषा का शब्द है-  अंग्रेजी भाषा ।

v खड़ी बोली का प्रथम ग्रंथ है- गंग कवि का “चन्द छन्द बरनन की महिमा ।

v सरस्वती पत्रिका का सम्पादन /प्रकाशन किया सन् 1903 में महावीर प्रसाद द्विवेदी ने ।

v हिंदी गद्य साहित्य का “नवजागरण काल” कहा जाता है- द्विवेदी युग को ।

v हिंदी साहित्य की प्रथम एकांकी माना जाता है- जयशंकर प्रसाद कृत “एक  घूँट” को ।

v एकांकी का जनक माना जाता है- डॉ रामकुमार वर्मा को ।

v हिंदी का प्रथम मौलिक उपन्यास माना जाता है- लाला श्रीनिवास कृत “परीक्षा गुरु” को ।

v उपन्यास शब्द का शाब्दिक अर्थ है- समीप रखना ।

v नाटक सम्राट माना जाता है- जयशंकर प्रसाद को ।

v  उपन्यास सम्राट माना जाता है- मुंशी प्रेमचंद को ।

v हिंदी की प्रथम कहानी माना जाता है- किशोरीलाल गोस्वामी कृत “इंदुमती” को ।

v हिंदी गद्य का जनक कहा जाता है-  भारतेंदु को ।

v द्विवेदी युग के प्रवर्तक माना जाता है- आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी को ।

v कहानी (गद्य विधा) के तत्व माने जाते हैं- छः ।

v रेखाचित्रों की सिद्ध लेखिका हैं- महादेवी वर्मा ।

v हिंदी कविता का जागरण काल कहा जाता है- भारतेंदु युग को ।

v हिंदी की प्रथम आत्मकथा है- बनारसीदास जैन कृत “अर्द्धकथानक” ।

v पंच परमेश्वर कहानी के लेखक हैं- प्रेमचंद ।

v छायावाद के प्रवर्तक हैं- जयशंकर प्रसाद ।

v हिंदी के प्रथम कवि का नाम है- सरपहा ।

v भारतेंदु युग के प्रवर्तक हैं- भारतेंदु हरिश्चन्द्र ।

v सरस्वती पत्रिका के संपादक हैं- महावीर प्रसाद द्विवेदी ।

v कहानी सम्राट कहा जाता है- मुंशी प्रेमचंद को।

v रेखाचित्रों के भीष्म पितामह कहा जाता है- पं. बनारसीदास चतुर्वेदी को।

v प्रयोगवाद के जनक कहा जाता है- अज्ञेय को ।

v हिंदी गद्य साहित्य के प्रवर्तक हैं-  मुंशी सदा सुखलाल ।

v प्रेमचन्द का असली नाम (वास्तविक नाम) है- धनपतराय ।

v तार सप्तक के संपादक व आयोजक हैं- अज्ञेय ।

v प्रेमचंद का सबसे प्रसिद्ध और अंतिम उपन्यास है-  गोदान ।

v छायावाद की प्रतिनिधि कवयित्री हैं- महादेवी वर्मा ।

v अद्वैतवाद के प्रवर्तक है- शंकराचार्य ।

v हालावाद के प्रवर्तक हैं हरिवंशराय बच्चन ।

v “प्रकृति के सुकुमार कवि” हैं- सुमित्रानंदन पंत

v छायावाद के प्रतिनिधि व प्रथम कवि हैं- जयशंकर प्रसाद

v “भारतीय आत्मा” उपनाम है- माखनलाल चतुर्वेदी

v आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने निबंधों के हिंदी अनुवाद किये हैं- तैईस ।

v महाकाव्य पद्मावत के नायक नायिका हैं- रानी पद्मावती एवं राजा रत्नसेन ।

v महाकाव्य कमायानी के नायक- नायिका हैं- श्रृद्धा व मनु ।

v हिंदी गद्य का निर्माण किसने किया? भारतेंदु हरिश्चन्द्र ने ।

v  द्विवेदी युग की प्रेरक शक्ति थे- पं. महावीर प्रसाद द्विवेदी ।

v गद्य की प्रकीर्ण विधाओं की संख्या है- दस ।

v  किसने महात्मा गाँधी को “अवधूत “ कहा है- हजारी प्रसाद द्विवेदी ने ।

v वेदों की रचना किसने की? कवि ब्रह्मा ने ।

v रामायण की रचना किसने की ? – वाल्मीकि ने ।

v महाभारत  की रचना किसने की? वेद व्यास  ने 

v  सबसे बड़ा महाकाव्य है- महाभारत ।

v साबरमती आश्रम की स्थापना की थी- महात्मा गॉंधी ने ।

v मध्यप्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी है- पचमढ़ी ।

v “पर्वतों की रानी” कहा जाता है- पचमढ़ी को ।

v सतपुड़ा का गौरव कहा जाता है- धूपगढ़ को ।

v कमायानी (महाकाव्य) व धुव्रस्वामिनी(नाटक) के लेखक हैं- जयशंकर प्रसाद।

v वेदना की अमर गायिका हैं- महादेवी वर्मा ।

v  आधुनिक मीरा के नाम से प्रसिद्ध हैं- महादेवी वर्मा ।

v  वात्सल्य रस के सम्राट /स्थापक हैं- महाकवि सूरदास ।

v हिंदी साहित्य का प्रवेश द्वार माना जाता है- भारतेंदु युग को ।

v हिंदी कविता में आधुनिकता तथा नवीन युग के सूत्रपात का श्रेय को दिया जाता है- छायावाद युग को ।

v हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है- भक्तिकाल को ।

v रहस्यवाद का अर्थ है- छिपी हुई बात ।

v प्रगति का शाब्दिक अर्थ है- चलना या आगे बढ़ना ।

v  अष्टछाप का जहाज कहा जाता है- सूरदास को

v अष्टछाप के वरिष्ठ कवि हैं- कुंभनदास

v अष्टछाप के कनिष्ठ कवि हैं- नंददास ।

v  अज्ञेय का पूरा नाम है- सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय ।

v सूत्रात्मक शैली के प्रणेता हैं- आचार्य रामचन्द्र शुक्ल

v भ्रमरगीत परम्परा के प्रवर्तक हैं- सूरदास

v प्रसिद्ध देवकवि ने केशवदास को कठिन काव्य का प्रेत कहा है ।

v हृदयहीन कवि कहा जाता है- केशवदास को ।

v कवीर के गुरू  का नाम था- रामानंद ।

v  ज्ञानमार्गी शाखा के प्रतिनिधि कवि हैं-  कबीर ।

v दिनकर जी ने भवानी प्रसाद मिश्र को सर्वोदयी कवि कहा है ।

v दसवां रस माना जाता है- वात्सल्य रस ।

v श्रृंगार रस को रसराज कहा जाता है ।

v रस को काव्य की आत्मा कहा जाता है ।

v हिंदी में रंगमंचीय नाटकों का प्रारंभ  भारतेंदु हरिश्चन्द्र से माना जाता है।

v  हिंदी नाटक साहित्य का विकास युग कहा जाता है- प्रसाद युग को ।

v एकांकी का प्राण तत्व है- संघर्ष ।

v हिंदी में एकांकी कला का जन्मदाता कहा जाता है- डॉ. रामकुमार वर्मा ।

v उपन्यास शब्द का शाब्दिक अर्थ है- सामने रखना ।

v आधुनिक युग का प्रेमचंद माना जाता है- जैनेन्द्र कुमार को ।

v निबंध का शाब्दिक अर्थ है-  बांधना ।

v शुक्ल युग के प्रवर्तक माने जाते हैं- आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ।

v शुक्ल युग को निबंध का स्वर्ण काल कहते हैं ।

v आलोचना शब्द का शाब्दिक अर्थ है- किसी वस्तु को भली प्रकार देखना ।

v संस्मरण का  शाब्दिक अर्थ है- भली भाँति याद करना ।

v हिंदी का प्रथम संस्मरण लेखक को माना जाता है पद्म सिंह शर्मा को ।

v आत्मकथा और निबंध के बीच की विधा है- संस्मरण ।

v हिंदी में रेखाचित्र का सुभारंभ करने का श्रेय है- श्रीराम शर्मा को ।

v श्री रामवृक्ष बेनीपुरी ने शब्दचित्र को रेखाचित्र  कहा है ।

v रिपोर्ताज फ्रांसीसी (फ्रेंच) भाषा का शब्द है ।

v हिंदी में गद्य-काव्य को प्रारंभ करने का श्रेय है- राय कृष्णदास को ।

v हिंदी में डायरी विधा में लेखन को आरंभ करने का श्रेय है-  डॉ धीरेंद्र वर्मा को ।

 

 

 

 

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