हिंदी गद्य व पद्य साहित्य
संबंधी महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न
v प्रेममार्ग के अनुयायी एवं प्रतिनिधि कवि हैं?- जायसी ।
v हालावादी कवि कहलाते हैं? - हरिवंशराय बच्चन।
v निबंध को गद्य की कसौटी कहा है- आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने ।
v बड़े भाई साहब कहानी के लेखक हैं- प्रेमचंद
v मुहाबरा की उत्पत्ति के शब्द से हुई- अरबी भाषा के ।
v लता मंगेशकर के पिता का नाम था – दीनानाथ मंगेशकर
।
v स्वान्तः सुखाय के कवि कहा गया है- तुलसीदास को ।
v “छंदों का आजयबघर” कहा जाता है- रामचन्द्रिका को ।
v साकेत का शाब्दिक
अर्थ होता है- आयोध्या
v विभाषा के लिए डायलेक्ट
शब्द भाषा का शब्द है- अंग्रेजी भाषा ।
v खड़ी बोली का प्रथम
ग्रंथ है- गंग कवि का “चन्द
छन्द बरनन की महिमा ।
v सरस्वती पत्रिका का
सम्पादन /प्रकाशन किया – सन् 1903 में महावीर प्रसाद द्विवेदी ने ।
v हिंदी गद्य साहित्य
का “नवजागरण काल” कहा जाता है- द्विवेदी युग को ।
v हिंदी साहित्य की
प्रथम एकांकी माना जाता है- जयशंकर प्रसाद कृत
“एक घूँट” को ।
v एकांकी का जनक माना
जाता है- डॉ रामकुमार वर्मा को ।
v हिंदी का प्रथम मौलिक
उपन्यास माना जाता है- लाला श्रीनिवास कृत
“परीक्षा गुरु” को ।
v उपन्यास शब्द का शाब्दिक
अर्थ है- समीप रखना ।
v नाटक सम्राट माना
जाता है- जयशंकर प्रसाद को ।
v उपन्यास सम्राट माना
जाता है- मुंशी प्रेमचंद को ।
v हिंदी की प्रथम कहानी
माना जाता है- किशोरीलाल गोस्वामी कृत “इंदुमती” को ।
v हिंदी गद्य का जनक
कहा जाता है- भारतेंदु को ।
v द्विवेदी युग के प्रवर्तक
माना जाता है- आचार्य महावीर प्रसाद
द्विवेदी को ।
v कहानी (गद्य विधा)
के तत्व माने जाते हैं- छः ।
v रेखाचित्रों की सिद्ध
लेखिका हैं- महादेवी वर्मा ।
v हिंदी कविता का जागरण
काल कहा जाता है- भारतेंदु युग को ।
v हिंदी की प्रथम आत्मकथा
है- बनारसीदास जैन कृत “अर्द्धकथानक” ।
v पंच परमेश्वर कहानी
के लेखक हैं- प्रेमचंद ।
v छायावाद के प्रवर्तक
हैं- जयशंकर प्रसाद ।
v हिंदी के प्रथम कवि
का नाम है- सरपहा ।
v भारतेंदु युग के प्रवर्तक
हैं- भारतेंदु हरिश्चन्द्र ।
v सरस्वती पत्रिका के
संपादक हैं- महावीर प्रसाद द्विवेदी
।
v कहानी सम्राट कहा
जाता है- मुंशी प्रेमचंद को।
v रेखाचित्रों के भीष्म
पितामह कहा जाता है- पं. बनारसीदास चतुर्वेदी को।
v
प्रयोगवाद के जनक कहा जाता
है- अज्ञेय को ।
v
हिंदी गद्य साहित्य
के प्रवर्तक हैं- मुंशी सदा सुखलाल ।
v
प्रेमचन्द का
असली नाम (वास्तविक नाम) है- धनपतराय ।
v
तार सप्तक के
संपादक व आयोजक हैं- अज्ञेय ।
v
प्रेमचंद का सबसे
प्रसिद्ध और अंतिम उपन्यास है- गोदान ।
v
छायावाद की प्रतिनिधि
कवयित्री हैं- महादेवी वर्मा
।
v
अद्वैतवाद के
प्रवर्तक है- शंकराचार्य ।
v
हालावाद के प्रवर्तक
हैं – हरिवंशराय बच्चन
।
v
“प्रकृति के सुकुमार कवि” हैं- सुमित्रानंदन पंत
v
छायावाद के प्रतिनिधि व प्रथम कवि हैं- जयशंकर प्रसाद
v
“भारतीय आत्मा” उपनाम है- माखनलाल चतुर्वेदी
v
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने निबंधों के हिंदी
अनुवाद किये हैं- तैईस ।
v
महाकाव्य पद्मावत के नायक – नायिका हैं- रानी पद्मावती एवं राजा रत्नसेन ।
v
महाकाव्य कमायानी के नायक- नायिका हैं- श्रृद्धा व मनु ।
v
हिंदी गद्य का निर्माण किसने किया? – भारतेंदु हरिश्चन्द्र ने ।
v
द्विवेदी युग की प्रेरक शक्ति थे- पं. महावीर प्रसाद द्विवेदी
।
v
गद्य की प्रकीर्ण विधाओं की संख्या है- दस ।
v
किसने महात्मा
गाँधी को “अवधूत “ कहा है- हजारी प्रसाद द्विवेदी
ने ।
v
वेदों की रचना किसने की? – कवि ब्रह्मा ने ।
v
रामायण की रचना किसने की ? – वाल्मीकि ने ।
v
महाभारत
की रचना किसने की? – वेद व्यास ने
v
सबसे बड़ा
महाकाव्य है- महाभारत ।
v
साबरमती आश्रम की स्थापना की थी- महात्मा गॉंधी ने ।
v
मध्यप्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी है- पचमढ़ी
।
v
“पर्वतों की रानी” कहा जाता है- पचमढ़ी को ।
v
सतपुड़ा का गौरव कहा जाता है- धूपगढ़ को ।
v
कमायानी (महाकाव्य) व धुव्रस्वामिनी(नाटक) के लेखक
हैं- जयशंकर प्रसाद।
v
वेदना की अमर गायिका हैं- महादेवी वर्मा ।
v
आधुनिक मीरा के नाम से प्रसिद्ध हैं- महादेवी वर्मा ।
v
वात्सल्य
रस के सम्राट /स्थापक हैं- महाकवि सूरदास ।
v
हिंदी साहित्य का प्रवेश द्वार माना जाता है- भारतेंदु युग को ।
v
हिंदी कविता में आधुनिकता तथा नवीन युग के सूत्रपात
का श्रेय को दिया जाता है- छायावाद युग को ।
v
हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है- भक्तिकाल को ।
v
रहस्यवाद का अर्थ है- छिपी हुई बात ।
v
प्रगति का शाब्दिक अर्थ है- चलना या आगे बढ़ना ।
v
अष्टछाप का जहाज कहा जाता है- सूरदास को
v
अष्टछाप के वरिष्ठ कवि हैं- कुंभनदास ।
v
अष्टछाप के कनिष्ठ कवि हैं- नंददास ।
v
अज्ञेय का पूरा नाम है- सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय ।
v
सूत्रात्मक शैली
के प्रणेता हैं- आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
v
भ्रमरगीत परम्परा
के प्रवर्तक हैं- सूरदास
v
प्रसिद्ध देवकवि
ने केशवदास को कठिन काव्य का प्रेत कहा है ।
v
हृदयहीन कवि कहा
जाता है- केशवदास को ।
v
कवीर के गुरू का नाम था- रामानंद ।
v
ज्ञानमार्गी शाखा के प्रतिनिधि कवि हैं- कबीर ।
v
दिनकर जी ने भवानी
प्रसाद मिश्र को सर्वोदयी कवि कहा है ।
v
दसवां रस माना
जाता है- वात्सल्य रस ।
v
श्रृंगार रस को
रसराज कहा जाता है ।
v
रस को काव्य की
आत्मा कहा जाता है ।
v
हिंदी में रंगमंचीय
नाटकों का प्रारंभ भारतेंदु हरिश्चन्द्र से
माना जाता है।
v
हिंदी नाटक साहित्य का विकास युग कहा जाता है- प्रसाद युग को ।
v
एकांकी का प्राण
तत्व है- संघर्ष ।
v
हिंदी में एकांकी
कला का जन्मदाता कहा जाता है- डॉ. रामकुमार वर्मा ।
v
उपन्यास शब्द
का शाब्दिक अर्थ है- सामने रखना ।
v
आधुनिक युग का
प्रेमचंद माना जाता है- जैनेन्द्र कुमार
को ।
v
निबंध का शाब्दिक
अर्थ है- बांधना ।
v
शुक्ल युग के
प्रवर्तक माने जाते हैं- आचार्य रामचन्द्र
शुक्ल ।
v
शुक्ल युग को
निबंध का स्वर्ण काल कहते हैं ।
v
आलोचना शब्द का
शाब्दिक अर्थ है- किसी वस्तु को
भली प्रकार देखना ।
v
संस्मरण का शाब्दिक अर्थ है- भली भाँति याद करना ।
v
हिंदी का प्रथम
संस्मरण लेखक को माना जाता है – पद्म सिंह शर्मा
को ।
v
आत्मकथा और निबंध
के बीच की विधा है- संस्मरण ।
v
हिंदी में रेखाचित्र
का सुभारंभ करने का श्रेय है- श्रीराम शर्मा
को ।
v
श्री रामवृक्ष
बेनीपुरी ने शब्दचित्र को रेखाचित्र कहा है
।
v
रिपोर्ताज फ्रांसीसी
(फ्रेंच) भाषा का शब्द है ।
v
हिंदी में गद्य-काव्य को प्रारंभ करने का श्रेय है- राय कृष्णदास
को ।
v
हिंदी में डायरी
विधा में लेखन को आरंभ करने का श्रेय है- डॉ धीरेंद्र वर्मा
को ।
No comments:
Post a Comment